ग़ज़ल: मुझको तेरा ख्याल आता है

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  • Shah Nawaz
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  • जब भी चाँद आसमाँ में आता है
    तेरा चेहरा चुरा के लाता है
    जब कोई गीत नया लिखता हूँ
    मुझको तेरा ख्याल आता है

    भँवरे मद-मस्त हो कर चलते हैं
    फूल तेरी तरह मुस्काता है
    क्योंकि यह कारनामा ऐ हमदम
    यहाँ बस आपको ही आता है

    झरना तेरी तरह ही शीतल है
    धारा तेरी तरह ही अवकल है
    तेरी अंगडाईयाँ हैं दरिया में
    सबको तेरा हुनर ही आता है

    बादलों में तेरी रवानी है
    बारिशों में तेरी जवानी है
    बिजलियों में अदा तुम्हारी हैं
    मौसम तेरी तरह सताता है

    इश्क में जोश है तेरा हमदम
    हुस्न तेरी तरह शर्माता है
    दोस्ती में तेरी ही खुशबु है
    वफ़ा का तुझ से ही तो नाता है

    - शाहनवाज़ सिद्दीकी "साहिल"



    Keywords: Gazal, Ghazal, ग़ज़ल, हिंदी, hindi, poem

    32 comments:

    1. जब भी चाँद आसमाँ में आता है
      तेरा चेहरा चुरा के लाता है
      जब कोई गीत नया लिखता हूँ
      मुझको तेरा ख्याल आता है

      बहुत सुन्दर बढ़िया रचना .... बधाई...

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    2. वह शाहनवाज़ भाई कमाल कर दिया आप ने
      बहुत अच्छे शुक्रिया !

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    3. Bahut Bhadiya Shah. ji..
      Thanks

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    4. App ki Gazal Hamesha hi acchi hoti hai par ye wal bahut acchil lagi

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    5. वाह क्या तफ्री है?

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    6. This comment has been removed by a blog administrator.

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    7. बेहतरीन अभिव्यक्ति ...

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    8. बहुत बढ़िया लिखा है शाहनवाज़ भाई , बहुत खूब

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    9. बादलों में तेरी रवानी है
      बारिशों में तेरी जवानी है
      बिजलियों में अदा तुम्हारी हैं
      मौसम तेरी तरह सताता है
      *
      *
      बहुत खूब

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    10. बहुत सुन्दर रचना...

      ***********************

      'पाखी की दुनिया' में आपका स्वागत है.

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    11. बहुत सुन्दर रचना।

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    12. खूबसूरत अंदाज़ !! कभी जलते सुलगते सवालों को भी विषय बनाएं !

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    13. आप की रचना 23 जुलाई, शुक्रवार के चर्चा मंच के लिए ली जा रही है, कृप्या नीचे दिए लिंक पर आ कर अपने सुझाव देकर हमें प्रोत्साहित करें.
      http://charchamanch.blogspot.com

      आभार

      अनामिका

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    14. वाह/ छा गये..बहुत उम्दा!

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    15. बहुत ही सुन्दर रचना !

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    16. झरना तेरी तरह ही शीतल है
      धारा तेरी तरह ही अवकल है
      तेरी अंगडाईयाँ हैं दरिया में
      सबको तेरा हुनर ही आता है

      बादलों में तेरी रवानी है
      बारिशों में तेरी जवानी है
      बिजलियों में अदा तुम्हारी हैं
      मौसम तेरी तरह सताता है

      भाई जान क्या खुबसूरत ग़ज़ल है वाह !!

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    17. पढने के बाद अजीब सी ख़ुशी होती है...

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    18. अंदाज़ सूफियाना है!

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    19. खूबसूरत रचना ..!

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    20. झरना तेरी तरह ही शीतल है
      धारा तेरी तरह ही अवकल है
      तेरी अंगडाईयाँ हैं दरिया में
      सबको तेरा हुनर ही आता है
      बेहद खूबसूरत पंक्तियाँ ..वाह ....

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    21. वह शाहनवाज़ भाई कमाल कर दिया आप ने
      बहुत अच्छे शुक्रिया !

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    22. बहुत पसन्द आया
      हमें भी पढवाने के लिये हार्दिक धन्यवाद
      बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ..

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    23. wah-wah!bht khoob....shah nawaaz ji

      maan gaye ki, aap gazal bhi itni khoobsurati se likhte hai...jis prkaar anaya rachna...


      best wishes...

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    24. हमारीवाणी का लोगो अपने ब्लाग पर लगाकर अपनी पोस्ट हमारीवाणी पर तुरंत प्रदर्शित करें

      हमारीवाणी एक निश्चित समय के अंतराल पर ब्लाग की फीड के द्वारा पुरानी पोस्ट का नवीनीकरण तथा नई पोस्ट प्रदर्शित करता रहता है. परन्तु इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है. हमारीवाणी में आपका ब्लाग शामिल है तो आप स्वयं हमारीवाणी पर अपनी ब्लागपोस्ट तुरन्त प्रदर्शित कर सकते हैं.

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    25. बादलों में तेरी रवानी है
      बारिशों में तेरी जवानी है
      बिजलियों में अदा तुम्हारी हैं
      मौसम तेरी तरह सताता है
      बहुत खूबसूरत गज़ल। बधाई। आशीर्वाद।

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