अमरावती सेक्स स्कैंडल: कमल रेजिडेंसी फ्लैट से खुला बड़ा रैकेट, 8 आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित अब भी खामोश

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  • Shah Nawaz
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  • अमरावती का एक साधारण सा फ्लैट… लेकिन उसके पीछे छुपा ऐसा काला सच, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया…

    महाराष्ट्र के अमरावती के कटोरा नाका इलाके में स्थित कमल रेजिडेंसी का एक फ्लैट इस वक्त एक बड़े सेक्स स्कैंडल की जांच का केंद्र बना हुआ है। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखने वाला ये फ्लैट अंदर ही अंदर एक संगठित अपराध का हिस्सा बन चुका था।

    जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी अयान खान है। पुलिस के मुताबिक, उसने और उसके साथियों ने मिलकर लड़कियों को फंसाने और उनका शोषण करने का काम किया। इतना ही नहीं, इस पूरी वारदात के वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने का भी आरोप है। हालाँकि एक पहलू यह भी है कि यह सिर्फ पुलिस की थ्योरी है, जिसकी अभी जांच पूरी नहीं हुई है और किसी पीड़िता ने भी सामने आकर सच सामने नहीं रखा है, पर जो आरोप हैं वो बेहद गंभीर हैं।

    इस केस में फ्लैट उपलब्ध कराने वाला आरोपी मानव सुगंदे, जो वर्धा से पढ़ाई के लिए परतवाड़ा आया था, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है—जिनमें एक ने फ्लैट देकर मदद की, जबकि 6 आरोपी वीडियो वायरल करने में शामिल बताए जा रहे हैं। आरोप के मुताबिक आरोपी युवकों में से एक ने कुछ पैसे मांगे थे और नहीं मिलने पर वीडियोज टेलीग्राम चैनल पर शेयर कर दिए।

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और 1 टैबलेट जब्त किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अब तक 18 आपत्तिजनक वीडियो और 39 फोटो बरामद किए जा चुके हैं, जिससे इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

    सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि पुलिस के मुताबिक उस ने 8 पीड़ित लड़कियों की पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक किसी ने भी आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। यही वजह है कि जांच एजेंसियों के सामने सच्चाई तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अब महिला एवं बाल कल्याण समिति और अल्पसंख्यक आयोग ने भी दखल दिया है। उनके प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की, साथ ही थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली और आरोपियों से पूछताछ भी की।

    सूत्रों के अनुसार, कोशिश की जा रही है कि पीड़ित लड़कियां सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं, लेकिन अब तक कोई भी आगे नहीं आई है। वहीं पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके।

    ये सिर्फ एक केस नहीं… ये समाज के उस डरावने सच की झलक है, जहां खामोशी ही सबसे बड़ी दीवार बन जाती है।

    सवाल ये है—क्या हम सच को सामने लाने में साथ देंगे, या फिर ये सन्नाटा ऐसे ही बना रहेगा?

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