नए साल का है तोहफा, ख्वाबों का खुमारों का



आया  है नया मौक़ा, रौशन से सितारों का
नए साल का है तोहफा, ख्वाबों का खुमारों का

ऑवसम है बड़ा मौसम, गुलज़ार चमन सारा
चहकी हैं सभी कलियाँ, मौसम है बहारों का

नई ऐसी फ़िज़ा झूमे, रौशन हो हर इक चेहरा
ए काश चलन निकले, ढहने का दीवारों का

- शाहनवाज़ 'साहिल'



3 comments:

  1. नई ऐसी फ़िज़ा झूमे, रौशन हो हर इक चेहरा
    ए काश चलन निकले, ढहने का दीवारों का
    ..आमीन!
    नव वर्ष मुबारक हो!

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    1. शुक्रिया कविता जी, आपको भी नववर्ष की ढेरों शुभकामनाएं! :)

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  2. खट्टी-मीठी यादों से भरे साल के गुजरने पर दुख तो होता है पर नया साल कई उमंग और उत्साह के साथ दस्तक देगा ऐसी उम्मीद है। नवर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

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