चर्चा-ए-ब्लॉगवाणी

















चर्चा-ए-ब्लॉगवाणी
बड़ी दूर तक गया।
लगता है जैसे अपना
कोई छूट सा गया।

कल 'ख्वाहिशे ऐसी' ने
ख्वाहिश छीन ली सबकी।
लेख मेरा हॉट होगा
दे दूंगा सबको पटकी।

सपना हमारा आज
फिर यह टूट गया है।
उदास हैं हम
मौका हमसे छूट गया है।

आओ किसी ओझा-पंडित
को दिखाएँ हम,
यह हो न सके तो
वैद्य को ही बुलाएं हम।

इसके बिना दिन-रात
कैसे चैन आएगा?
ब्लॉग चर्चाओं का चर्चा
ग़ुम हो जाएगा?

हुआ पेट में है दर्द
कैसे हाज़मा करें?
कैसे हो अब तमाशा
किसे अब जमा करें?

लिख तो दिया है 'ब्लॉग'
पर किसको दिखाएँगे?
छुट्टी पर गई वाणी को
कैसे मनाएँगे?

- शाहनवाज़ सिद्दीकी 'साहिल'


Keywords:
Blogvani, ब्लागवाणी, शाहनवाज़ सिद्दीकी 'साहिल'

25 comments:

  1. khoob andaaz hai sahab !! achchi khilli bhi hai kath aur choone ke saath....

    shahroz

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  2. सही है भैया, आज तो हम भी सोच रहे थे कि हमारी पोस्‍ट हिट हो जाएगी लेकिन ब्‍लागवाणी के बिना हिट तो नहीं पिट जरूर गयी है।

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  3. मनाओ भाई मनाओ
    जय हो

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  4. ... मनाने की कोई जरुरत नहीं है ... वह अपने अनियमित / अव्यवहारिक सिस्टम पसंद/नापसंद को सुधार कर ले ... तब स्वागत है अन्यथा ....!!!!

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  5. सिद्दीक़ी साहब ,
    मुझे ब्लागवाणी के बारे जानकारी नहीं है , इसलिये कोई कमेंट नहीं कर पाउंगा !

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  6. किस खूबसूरती से लिखा है आपने। मुँह से वाह निकल गया पढते ही।

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  7. बिल्कुल ठीक लिखा आपने ब्लागवाणी के बिना ब्लागजगत सूना हो जाएगा

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  8. परेशान सभी हैं, लेकिन कुछ नासपीटे फ़िर भी अपनी अकड़ बनाये रखने के लिये ब्लागवाणी की आलोचना कर रहे हैं। सही कहा है किसी ने, मुफ़्त के गुलाब जामुन भी हजम नहीं कर सकते हम लोग, उसमें भी खोट निकालेंगे ही

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  9. nothing is permanent dost, but way of presentation is really very good,
    vivj2000.blogspot.com

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  10. Badhia Likha Hai Shahnawaz Sahab! Maze ka hai.

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  11. यूँ तो दूर होके भी हम पास है,
    जीमेल का खाता ही कुछ खाश है.

    ब्लोग्वानी को हुआ बुखार है,
    चिट्ठे पे चर्चा जोरदार है.

    इतने पे ही रूक जाता हूँ,
    बिजुली रानी के घर आज उपवाश है.

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  12. लिख तो दिया है 'ब्लॉग'
    पर किसको दिखाएँगे?
    छुट्टी पर गई वाणी को
    कैसे मनाएँगे? कैसे भी हो अब मनाना पडेगा। नही तो ब्लागिन्ग अच्छी नही लग रही
    कविता अच्छी लगी शुभकामनायें

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  13. आ गया है ब्लॉग संकलन का नया अवतार: हमारीवाणी.कॉम



    हिंदी ब्लॉग लिखने वाले लेखकों के लिए खुशखबरी!

    ब्लॉग जगत के लिए हमारीवाणी नाम से एकदम नया और अद्भुत ब्लॉग संकलक बनकर तैयार है। इस ब्लॉग संकलक के द्वारा हिंदी ब्लॉग लेखन को एक नई सोच के साथ प्रोत्साहित करने के योजना है। इसमें सबसे अहम् बात तो यह है की यह ब्लॉग लेखकों का अपना ब्लॉग संकलक होगा।

    अधिक पढने के लिए चटका लगाएँ:
    http://hamarivani.blogspot.com

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  14. भाई हमें भी बड़ा खेद है ऐसा लगते है जैसे हम अपनों से कही दूर अलग थलग पड़ गये है...जीवन ही सूना सा लग रहा है...बढ़िया मजेदार रचना...धन्यवाद

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  15. हुआ पेट में है दर्द
    कैसे हाज़मा करें?
    कैसे हो अब तमाशा
    किसे अब जमा करें?

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  16. मुफ़्तखोरी में भी कोई न कोई ऐब निकाल ही लेते हैं हम भारत के लोग… एक दूसरे की टांग खींचने वाले मेंढक ही रहेंगे हम। ब्लागवाणी बन्द ही रहे तो बेहतर है, अब कई ब्लाग वालों को अपनी औकात पता चल जायेगी…

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  17. ब्लोगवानी बिना सब अधूरा ही लग रहा है।

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