मुस्लिम पिता ने हिंदू बेटी का कन्यादान किया… शादी का कार्ड देख लोग रो पड़े 😢❤️


सोचिए… आज के दौर में जहाँ लोग नाम और धर्म देखकर रिश्ते तोड़ देते हैं, वहीं एक शख़्स ने इंसानियत को सबसे ऊपर रख दिया… ❤️


मध्य प्रदेश के राजगढ़ की ये कहानी है…

एक मुस्लिम पिता — अब्दुल्ला हक खान

और उनकी बेटी — नंदिनी


ये रिश्ता खून का नहीं था… लेकिन मोहब्बत इतनी सच्ची थी कि हर रिश्ता फीका पड़ जाए।


नंदिनी बचपन में ही अपने माँ-बाप को खो बैठी थी… ज़िंदगी ने सब कुछ छीन लिया था… 😔


लेकिन उसी वक़्त अब्दुल्ला खान ने उसे सिर्फ़ सहारा नहीं दिया, बल्कि अपनी सगी बेटी की तरह सीने से लगा लिया।  कभी उसकी पहचान नहीं छीनी गई…


उसे उसके अपने संस्कारों के साथ बड़ा किया गया, पढ़ाया-लिखाया और आज…

👉 वही पिता अपनी बेटी का हिंदू रीति-रिवाज़ से कन्यादान कर रहे हैं 💔❤️


शादी का कार्ड जब लोगों के हाथ में आया… तो उसमें लिखा था:

👉 बेटी – नंदिनी

👉 पिता – अब्दुल्ला हक खान


बस… यहीं से हर किसी की आँखें नम हो गईं… 😢

क्योंकि ये सिर्फ़ कार्ड नहीं था, ये इंसानियत का पैग़ाम था।  

आज जब दुनिया धर्म के नाम पर बंट रही है, तब ये कहानी हमें याद दिलाती है:

👉 मोहब्बत का कोई मज़हब नहीं होता

👉 रिश्ते खून से नहीं… दिल से बनते हैं


काश… हम सब भी थोड़ा-सा इंसान बन जाएं…

तो शायद ये दुनिया और भी खूबसूरत हो जाए… 🤍✨

1 comment:

  1. बेहद प्रेरक,काश की ऐसी घटनाएं उदाहरण नहीं दैनिक जीवन का अंश बन जाए।
    सादर।
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    नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना मंगलवार ७ अप्रैल २०२६ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

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